मुस्लिम महिलाओं के लिए बड़ा दिन -आज राज्यसभा में पास हो जाएगा तीन तलाक बिल 

मोदी सरकार एक बार फिर से राज्यसभा में तीन तलाक का विधेयक पेश करने जा रही है. उच्च सदन में बहुमत न होने के बावजूद सरकार को यकीन हैं कि आज राज्यसभा से भी यह बिल पास हो जाएगा. 

मोदी सरकार पार्ट -1 में राज्यसभा में अटकने की वजह से तीन तलाक का विधेयक कानून नहीं बन सका था. लेकिन इस बार राज्यसभा का गणित भी अलग है और मोदी सरकार का तेवर भी.

फ्लोर मैनेजमेंट की वजह से कई विरोधी दल भी सरकार के साथ और ऐसे में सरकार को उम्मीद है कि इस बार तीन तलाक बिल पारित करवाने में ज्यादा दिक्कत नहीं आएगी. 
 
मोदी सरकार 2.0 में सरकार पहली बार राज्यसभा में मंगलवार को तीन तलाक विधेयक पेश करने जा रही है. भाजपा ने इसके लिए तीन लाइन का व्हिप जारी कर अपने सभी सांसदों को सदन में मौजूद रहने का निर्देश भी दिया है . लोकसभा पहले ही इस विधेयक को मंजूरी दे चुकी है.

यह विधेयक पिछली लोकसभा में भी पारित हुआ था पर राज्यसभा ने इसे लौटा दिया था. सरकार कुछ बदलावों के साथ यह बिल दोबारा लेकर आई है.

 

25 जुलाई को लोकसभा में तीन तलाक विधेयक पर विचार कर इसे पारित करने के लिए पेश करते हुए केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने लैंगिक न्याय के लिए तीन तलाक विधेयक को जरूरी बताया था। इस विधेयक में तीन तलाक के मामलों में पति को तीन साल जेल की सजा का प्रावधान रखा गया है।

 

कानून मंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर विधेयक लाने की बात को दोहराते हुए कहा कि इस मुद्दे पर तीन बार अध्यादेशों को इसलिए लागू किया गया क्योंकि पिछली मोदी सरकार द्वारा लाए गए इसी तरह के विधेयक को संसद की स्वीकृति नहीं मिली थी। इसके बाद नई सरकार द्वारा जून में एक ऐसा ही एक विधेयक पेश किया गया।

इसे भी पढ़ें :  भारत कोरोना महामारी से लड़ने के लिए अपने मित्र देशों की हरसंभव मदद करने को तैयार है- नरेंद्र मोदी

 

इस विधेयक के तहत, तत्काल तीन तलाक के माध्यम से तलाक देना अवैध होगा और इसके लिए पति के लिए तीन साल की जेल की सजा होगी। प्रसाद ने इन आशंकाओं को खारिज कर दिया था कि प्रस्तावित कानून का दुरुपयोग किया जा सकता है और दावा किया कि मुकदमे से पहले जमानत के प्रावधान सहित कुछ सुरक्षा उपायों को इसमें रखा गया है। मंत्री ने कहा था कि पत्नी की सुनवाई के बाद मजिस्ट्रेट को जमानत देने की अनुमति देने का प्रावधान जोड़ा गया है।

मुस्लिम समुदाय की महिलाओं के लिए आज का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है.