क्या आप इस बात की कल्पना कर सकते हैं कि कोई शादीशुदा महिला एक आदमी के साथ सेक्स करने के लिए इस हद तक बेचैन हो जाएगी कि वह कुछ भी करने को तैयार हो जाएगी। दिल्ली से आए एक ऐसे ही मामले ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि हमारा समाज आखिर किस तरफ जा रहा है।
यह मामला एक ऐसी महिला का जो खुद शादीशुदा होने के बावजूद एक आदमी के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने पर अड़ गई। इतना ही नहीं वह पीछा करके उस आदमी को यह धमकी भी देने लगी कि उसने अगर उसके साथ सेक्स नहीं किया तो वह सुसाइड कर लेगी।
मना करने के बावजूद वह महिला नहीं मानी। आरोप था कि महिला ने सोशल मीडिया पर उसके बच्चों को फॉलो करना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं, महिला ने फ्लैट पर आना शुरू कर दिया। महिला लगातार दबाव बनाने लगी कि वो उससे शारीरिक संबंध बनाए वरना वो आत्महत्या कर लेगी। इसके बाद याचिकाकर्ता ने पुलिस से भी शिकायत की, लेकिन महिला नहीं मानी। वह आदमी महिला की हरकतों से इतनी बुरी तरह से घबरा गया कि उसे अदालत तक का सहारा लेना बड़ गया। शिकायतकर्ता ने चैट स्क्रीनशॉट और सीसीटीवी फुटेज आदि कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किए। कोर्ट ने कहा कि दस्तावेज व दलील देखने के बाद स्पष्ट है कि मामला वास्तविक है।
इस तरह के संभवतया: पहले मामले की सुनवाई करते हुए रोहिणी कोर्ट ने उस व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई करते हुए अनूठा फैसला सुना दिया। रोहिणी जिला कोर्ट की सिविल जज रेणु ने सीपीसी (सिविल प्रक्रिया संहिता) के तहत दायर शिकायत की सुनवाई करते हुए अपने फैसले में उस विवाहित पुरुष से किसी भी तरह का संपर्क बनाने से उस महिला को रोक दिया है। महिला और उसके पति को शिकायतकर्ता (विवाहित व्यक्ति) के ठिकाने (संपत्ति) के 300 मीटर के दायरे में कहीं भी प्रवेश न करने का निर्देश दिया है।
कोर्ट ने कहा कि वादी का कहना है कि प्रतिवादियों के कृत्यों और हरकतों के कारण, शिकायतकर्ता शांतिपूर्वक और स्वतंत्र रूप से अपना जीवन जीने में असमर्थ है। कोर्ट ने एक अंतरिम निषेधाज्ञा पारित की है जिसमें प्रतिवादी (महिला और उसके पति) को दिल्ली के विजय नगर में शिकायतकर्ता की संपत्ति के 300 मीटर के दायरे में प्रवेश करने या आने से रोक दिया गया है। उन्हें शिकायकर्ता या उसके परिवार से किसी भी माध्यम से- चाहे वह फोन कॉल हो, सोशल मीडिया के माध्यम से संपर्क करने से भी रोक दिया गया है।














