गुड न्यूज, 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर आज फैसला संभव

ऐसे में  एक मुख्यमंत्री के रूप में निश्चित ही यह ममता बनर्जी की भी विफलता है कि ना सिर्फ वे डॉक्टरों का भरोसा जीतने में नाकाम रहीं बल्कि उनके अड़ियल व्यवहार ने डॉक्टरों के आक्रोश को एक  देश व्यापी आंदोलन बना दिया। स्थिति केवल बंगाल ही नहीं बल्कि देश भर में दिन ब दिन बिगड़ती ही जा रही है। दरअसल यह शायद देश में पहली बार हुआ है कि एक राज्य के डॉक्टरों की हड़ताल को देश भर के डॉक्टरों का समर्थन मिला हो। 

 

दिल्ली

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए मोदी सरकार आज अच्छी खबर सुना सकती है। खबरों के मुताबिक आज उच्च स्तरीय सचिव इस संबंध में बैठक कर सकते हैं, जिसमें लवासा समिति की सिफारिशों पर चर्चा की जानी है।

अगर सचिवों की बैठक में लवासा समिति की सिफारिशों को सही माना जाता है तो इसी हफ्ते इसकी रिपोर्ट केंद्रीय कैबिनेट के समक्ष पेश होगी। आज बैठक में शामिल होने वाले सचिवों में गृहमंत्रलाय, कार्मिक और प्रशिक्षण, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण समेत रेलवे के अधिकारी हिस्सा ले सकते हैं।

हालांकि इस बैठक के बारे में कोई आधिकारी ऐलान नहीं किया गया है। आपको बता दें कि अशोक लवासा की अध्यक्षता में बनी समिति ने अपनी रिपोर्ट एक महीने पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली को सौंप दी थी। अभी केंद्रीय कर्मचारियों को पुराने भत्तों का ही लाभ मिल रहा है।

7वें वेतन आयोग में दो मुख्य मुद्दे हैं जिसमें पहला बेसिक वेतन और दूसरा संशोधित भत्ते शामिल हैं। 7वें वेतन आयोग ने शहरों की श्रेणी के अनुसार घर के किराए भत्ते में कटौती की बात कही थी। इसके साथ ही 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों में 36 छोटे भत्तों को बड़े भत्तों में मिलाने समते 52 भत्तों को खत्म करने के लिए कहा गया था।

कहा जा रहा है कि इससे 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को फायदा हो सकता है। इसके अलावा केंद्रीय कर्चमारियों के लिए 11 प्रतिशत एचआरए बढ़ाने की भी सिफारिश सातवें वेतन आयोग में की गई थी। आयोग ने शहरों के मुतबिक 2 से 6 प्रतिशत एचआरए में कटौती की भी बात भी कही थी।

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