Tag: कविता
हटो जरा, उजाला आने दो….
हटो जरा, उजाला आने दो
हटो जरा, उजाला आने दो,
हटा दो नफरत की दीवारें,
बुझा दो जलते ये अंगारे,
मिटा दो आपस से,
जाति, धर्म के ये साये,
इन...
अनजान सी डगर पे हूं – किस्सा-ए-जिंदगी
अनजान सी डगर पे हूं
सुनसान से सफ़र मे हूं,
अनजान सी डगर पे हूं।
दोस्त कई दिली मिले,
कहीं शिकवे गिले मिले,
कुछ दूर साथ चले,
कुछ छोड़...














