संसद में अमित शाह के भाषण को लेकर पीएम मोदी ने क्या कहा ?- राइफलों के साथ क्या किया गया ?

ऑपरेशन सिंदूर को लेकर लोकसभा में चर्चा लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। चर्चा के दौरान अमित शाह और सपा मुखिया अखिलेश यादव के बीच तीखी बहस भी हुई। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शाह के भाषण को लेकर जो कुछ कहा, उसकी भी खासी चर्चा होने लगी है।

PM नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को संसद में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा दिए गए भाषण की जबरदस्त शब्दों में तारीख की। उन्होने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव, दोनों ने आतंकवादियों के सफाए में अहम भूमिका निभाई। आपको बता दें कि, सोमवार को जम्मू-कश्मीर में हुए ऑपरेशन महादेव में पहलगाम हमले के मास्टरमाइंड समेत तीन आतंकवादी मारे गए।

लोकसभा में बोलते हुए, अमित शाह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पहलगाम हमले को अंजाम देने वाले लश्कर के सभी तीन आतंकवादियों को सुरक्षा बलों ने ऑपरेशन महादेव में मार गिराया, जिससे 22 अप्रैल को 26 पर्यटकों की हत्या का बदला लिया गया। शाह ने कहा कि पहलगाम हमले के कुछ घंटों बाद ही आतंकवादियों को पकड़ने की योजना बनाई गई थी और उन्होंने सुरक्षा बलों को आदेश दिया था कि उन्हें देश छोड़ने न दिया जाए।

लोकसभा में दिए गए शाह के भाषण की तारीफ करते हुए पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “लोकसभा की अपनी महत्वपूर्ण स्पीच में गृह मंत्री अमित शाह जी ने ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव को लेकर पूरे विस्तार से जानकारी साझा की है। आतंक के खिलाफ इन अभियानों ने कायर आतंकियों के सफाए में काफी अहम भूमिका निभाई है। अपने संबोधन में उन्होंने देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हमारी सरकार के प्रयासों पर भी पूरी गंभीरता से अपनी बात रखी है।“

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शाह ने मंगलवार को संसद में बताया कि, 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले में शामिल तीन आतंकवादियों को कल जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशन महादेव में सुरक्षा बलों ने मार गिराया। पहलगाम हमले वाली जगह से बरामद गोलियों के खोलों की फोरेंसिक रिपोर्ट का इस्तेमाल किया गया। इन आतंकवादियों के मारे जाने के बाद, उनकी राइफलें जब्त कर ली गईं। जब्त की गई एक M9 और बाकी दो AK-47 राइफलों को एक विशेष विमान से चंडीगढ़ सेंट्रल FSL (फोरेंसिक साइंस लैबोरेटरी) भिजवाया गया। वहां पर इन राइफलों से गोली चलाकर खाली कारतूस निकाले और फिर पहलगाम में मिले कारतूसों से उनका मिलान किया गया। तब यह पुष्टि हुई कि इन तीनों राइफलों का इस्तेमाल हमारे निर्दोष नागरिकों की हत्या के लिए किया गया था।