बिहार में SIR को लेकर संसद सत्र के दौरान जारी घमासान के बीच सोमवार को लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा हुआ। चर्चा के दौरान , केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच तीखी बहस भी हुई।
राजनाथ सिंह जब सदन में यह बता रहे थे कि भारत की बहादुर सेना ने किस तरह से पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था। उन्होंने जैसे ही युद्धविराम का जिक्र करते हुए यह बताया कि, पाकिस्तान ने हमारे डीजीएमओ को फोन किया और कहा, ‘महाराज, अब रोक दीजिए सर, बहुत हो गया, और हमने उनकी बात मान ली, लेकिन एक शर्त के साथ।
राजनाथ के आगे बोलने से पहले ही राहुल गांधी तुरंत सदन में खड़े हो गए और उन्होंने पूछा , “तो आपने (कार्रवाई) रोकी क्यों?”
राहुल गांधी के सवाल से सत्ताधारी पार्टी के सांसद नाराज हो गए। राजनाथ सिंह ने भी राहुल गांधी को बैठने का इशारा करते हुए कटाक्ष किया कि यह ( भारत-पाकिस्तान युद्ध) क्यों रुका, इस बारे में वे अपने भाषण में विस्तार से बता चुके हैं। सिंह ने आगे कहा कि, ” मैं विपक्ष के नेता के सवाल पूछने के अधिकार का सम्मान करता हूं, लेकिन उन्हें मेरा पूरा भाषण सुनना चाहिए। सिंह ने सदन में ‘पहलगाम में आतंकवादी हमले के जवाब में भारत के मजबूत, सफल एवं निर्णायक ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर विशेष चर्चा’ की शुरुआत करते हुए यह भी कहा कि पाकिस्तान की तरफ से सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) के स्तर पर संपर्क कर आग्रह किया गया था कि अब कार्रवाई रोक दी जाए।
रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि,” पाकिस्तान ने खुद युद्धविराम की मांग की थी और भारत ने अपने सभी सैन्य उद्देश्यों को पूरा कर लिया था, जिसमें आतंकवाद की नर्सरी को समाप्त करना शामिल था। हमारी सेनाओं द्वारा की गई सुनियोजित कार्रवाई में 9 आतंकी ठिकानों को बेहद सटीकता से निशाना बनाया गया। अनुमान के अनुसार इस सैन्य अभियान में 100+ आतंकवादी, उनके ट्रेनर, शिष्य और हैंडलर — जो बड़े आतंकी संगठनों से जुड़े थे — ढेर किए गए।”
सिंह ने आगे कहा, “इस ऑपरेशन का उद्देश्य युद्ध करना नहीं था, बल्कि दुश्मन को हमारी शक्तिशाली सेनाओं के सामने आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर करना था। 10 मई की सुबह, भारतीय वायु सेना द्वारा उनके कई हवाई अड्डों को नष्ट करने के बाद, पाकिस्तान ने हार मान ली और युद्धविराम की मांग की।
रक्षा मंत्री ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि उसे यह सवाल पूछने की बजाय कि इस अभियान में भारत के कितने विमान गिरे, ऑपरेशन की सफलता पर बात करनी चाहिए थी।
दबाव में युद्धविराम करने के आरोपों को नकारते हुए सिंह ने आगे कहा कि, ‘‘भारत ने कार्रवाई इसलिए रोकी क्योंकि मिशन से पहले जो उद्देश्य तय किए गए थे, उन्हें पूरी तरह हासिल कर लिया गया। किसी दबाव में ऑपरेशन सिंदूर रोकने का आरोप बेबुनियाद है। मैं सदन को यह भी बताना चाहूंग कि किसी क्षेत्र पर कब्जा करना इस ऑपरेशन का मकसद नहीं था। इसका उद्देश्य पाकिस्तान द्वारा वर्षों से पाले गए आतंकवाद की नर्सरी का अंत करना था। उन लोगों को न्याय दिलाना था जिन्होंने पाक प्रायोजित पहलगाम हमले में अपने प्रियजनों को खो दिया।’’















