शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए इग्नू के युवा प्रोफेसर प्रमोद कुमार सम्मानित

दिल्ली के वाईएमसीए भवन में आयोजित ‘अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस’ के अवसर पर शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में विशिष्ट और उल्लेखनीय योगदान के लिए इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के युवा प्रोफ़ेसर डॉ. प्रमोद कुमार मेहरा को सम्मानित किया गया।

यूनिवर्सल पीस फेडरेशन, इंडिया चैप्टर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पीएमओ में राज्यमंत्री जितेन्द्र सिंह ने प्रशस्ति पत्र,स्मृति चिन्ह देकर और शाल ओढ़ाकर प्रो. प्रमोद कुमार को सम्मानित किया।

ग़ौरतलब हो कि विश्व शांति और युवा नेतृत्व विकास के लिए आस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, अमेरिका, कोरिया और भारत के विभिन्न हिस्सों में आयोजित कार्यक्रमों में प्रो. प्रमोद ने न केवल भाग लिया है, बल्कि निरंतर इस दिशा में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।

विगत 20 वर्षों से अध्ययन-अध्यापन से जुड़े प्रो. प्रमोद कुमार द्वारा 52 बार से अधिक बार रक्तदान न केवल युवाओं में समाज सेवा के प्रति ऊर्जा का संचार करता है,बल्कि उनका यह क़दम समाज और राष्ट्र के प्रति युवाओं की ज़िम्मेदारी,जवाबदेही और समर्पण को नेतृत्व प्रदान करता है।

इस अवसर पर खेल एवं युवा मामलों के केन्द्रीय मंत्री किरण रिजिजू, राज्य सभा सांसद और राजदूत सहित राजनीति, समाजसेवा, शिक्षा, साहित्य-संस्कृति और विश्व शांति के क्षेत्र में कार्यरत गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय, जेएनयू, जामिया सहित
देश के अन्य राज्यों से लगभग दो सौ युवाओं ने भी भाग लिया।

कार्यक्रम के प्रारम्भ में युवाओं के योगदान और भूमिका को रेखांकित करते हुए पीएमओ में राज्यमंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा कि केवल युवाओं के माध्यम से ही इस दुनिया को बदला जा सकता है।

इस अवसर पर शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के युवा प्रोफ़ेसर डॉ. प्रमोद कुमार मेहरा ने युवाओं का आह्वान किया। कहा कि व्यक्तिगत स्वार्थ और अति महत्वकांक्षा से मुक्त; युवा ही सही मायने में समाज और राष्ट्र निर्माण में निर्णायक योगदान दे सकते हैं।

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उन्होंने कहा कि विश्व शांति और राष्ट्र निर्माण में युवाओं का क्रांतिकारी योगदान लाज़िमी है। इसके लिए शिक्षा एक मज़बूत हथियार है।

प्रो. प्रमोद ने उदाहरण देते हुए कहा कि बदलते दौर में ओपन एजुकेशन ख़ासकर ; इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय भूमिका है।

युवाओं को एक हाथ में शिक्षा और दूसरे हाथ में बदलाव का मशाल लेकर आगे बढ़ना होगा तभी यह समाज बदलेगा। उन्होंने अंत में आयोजकों के प्रति आभार प्रकट किया।