नए नागरिकता कानून पर लालू यादव का ट्वीट पढ़ा आपने ?

नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 दोनों सदनों से पारित होने और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद अब कानून बन चुका है. लेकिन इस बीच इस नए कानून पर लालू यादव के ट्वीट को लेकर काफी चर्चा हो रही है. लालू यादव फिलहाल जेल में है और उनके सहयोगी इस ट्विटर हैंडल को संभाल रहे हैं.

चारा घोटाला मामले में रांची की जेल में बंद लालू यादव अपने विरोधियों पर हमला बोलने का कोई मौका चूकते नहीं हैं. खासकर अगर मुद्दा केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार से या फिर बिहार की नीतीश कुमार सरकार से जुड़ा हो तो लालू यादव अपने ही अंदाज में तीखा हमला बोलते नजर आते हैं.

नए नागरिकता कानून को लेकर देशभर में मचे बवाल के बीच आरजेडी मुखिया लालू प्रसाद यादव ने शुक्रवार को ट्वीट करते हुए तीखा हमला बोला . बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और देश के पूर्व रेल मंत्री रहे लालू यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा ,

‘‘अभी आँखों की शमाएं जल रही हैं उसूल जिंदा है,

आप लोग मायूस मत होना अभी बीमार ज़िंदा है,

हजारों जख्म खाकर भी मैं दुश्मन के मुक़ाबिल हूँ,

खुदा का शुक्र अब तक दिल-ए-खुद्दार जिंदा है।’’

इस ट्वीट में लालू यादव की एक पुरानी जनसभा की वीडियो फुटेज भी है. जिसमें वह काला धन वापस लाने का वादा पूरा करने में नाकाम रहने और आरएसएस के कथित सांप्रदायिक एजेंडे को आगे बढ़ाने को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर हमला बोलते नजर आते हैं.

लालू को है वोट बैंक वापस पाने की उम्मीद

नागरिकता संशोधन विधेयक के पक्ष में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जेडी-यू के सांसदों ने भी वोट किया था . बताया जा रहा है कि नीतीश के सांसद अब केन्द्र में मंत्री भी बनने जा रहे हैं. ऐसे में राजनीति के माहिर खिलाड़ी लालू यादव इस मौकें को भूनाने में कोई चूक नहीं करना चाहते. इसलिए लालू यादव इस मौके को आरजेडी के पक्ष में भुनाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि उनकी पार्टी को मुसलमानों के उस हिस्से का समर्थन फिर से मिल जाए जो नीतीश कुमार की तरफ चला गया था.

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मीडिया के चहेते रहे लालू यादव जेल में है

लालू यादव हमेशा से बयान देने के मामले में मीडिया के चहेते रहे हैं लेकिन अब वो जेल में सजा काट रहे हैं इसलिए वो अब सोशल मीडिया के जरिए ही बयान देते रहते हैं. लालू यादव ट्विटर पर काफी सक्रिय है. हालांकि वो जेल में है इसलिए उनके ट्विटर हैंडल को उनके सहयोगी संभालते हैं और परिवार के सदस्यों की राय पर ही ट्वीट करते हैं. लालू यादव जेल में मुलाकात करने वालों से अपनी बात कहते रहते हैं जिसे बाद में ट्वीट कर दिया जाता है.

नीतीश कुमार की पार्टी ने भी बोला हमला

हमला लालू यादव की तरफ से आया था तो भला नीतीश के बयानबीर चुप कैसे रहतें इसलिए तुरंत ही जेडी-यू के प्रवक्ता नीरज कुमार का भी एक ट्वीट आ गया जिसमें उन्होने लिखा , ‘‘धर्मनिरपेक्षता का प्रमाणपत्र बाँटने को अधीर लालू प्रसाद स्मृतिलोप से पीड़ित तो नहीं! याद करें! 29 दिसंबर 1989 को लोकसभा में नियम 193 के तहत चर्चा में अपनी टिप्पणी को – भागलपुर दंगे के लिए कांग्रेस को चिह्नित कर उन्होंने कहा था-भाजपा और आरएसएस को बदनाम करने के लिए दंगे कराए गए।’’

बिहार सरकार में मंत्री नीरज कुमार ने उस भाषण का स्क्रीन शॉट भी साझा किया और उसके संबद्ध अंशों को रेखांकित किया. गौरतलब है कि लालू यादव 1989 में छपरा से सांसद थे, जब वीपी सिंह बीजेपी के समर्थन से केन्द्र में प्रधानमंत्री की गद्दी पर बैठे थे.