भारत कोरिया गणराज्य के साथ ऐतिहासिक मैत्री संबंधों को महत्व देता हैः लोक सभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन

आज संसद भवन में कोरिया गणराज्य की नेशनल असेम्बली के स्पीकर, माननीय श्री चुंग से-क्यून के नेतृत्व में कोरिया गणराज्य से आये संसदीय शिष्टमंडल का स्वागत करते हुए लोक सभा अध्यक्ष, श्रीमती सुमित्रा महाजन ने कहा कि  भारत कोरिया गणराज्य के साथ लगभग 2000 वर्ष पुराने ऐतिहासिक मैत्री संबंधों को महत्व देता है । उन्होंने कहा कि: “लुक ईस्ट नीति के  “एक्ट ईस्ट ” नीति के रूप में विकसित होने के बाद भारत के दृष्टिकोण और आर्थिक संबंधों में इस क्षेत्र का महत्व और अधिक बढ़ गया है ।

श्रीमती महाजन ने कहा कि ” विशेष रणनीतिक भागीदारी ” की स्थापना से इस बात का स्पष्ट संकेत मिलता है कि दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों  कितना महत्व देते हैं । उन्होंने यह भी कहा कि भारत और कोरिया गणराज्य की विशेष राजनीतिक भागीदारी हाल के वर्षों में सुदृढ़ हुई है ।

श्रीमती महाजन ने यह भी कहा कि भारत और कोरिया गणराज्य के बीच संसदीय आदान-प्रदान की स्वस्थ परंपरा रही है और भारत की संसद आशा करती है कि यह परंपरा आगे भी जारी रहे । उन्होंने कोरिया गणराज्य में सितम्बर 2016 में अपनी यात्रा की उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी उनकी स्पीकर चुंग के साथ कोरिया से कारगर बातचीत हुई थी। उन्होंने भारत की यात्रा पर आये शिष्टमंडल को बताया कि भारत की संसद में भारत-कोरिया संसदीय मैत्री ग्रुप का गठन किया गया है जिसमें विभिन्न संसदीय दलों के सदस्य शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि भारत और कोरिया के संबंधों को सभी दलों का समर्थन प्राप्त है ।

द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों की संभावना का उल्लेख करते हुए श्रीमती महाजन ने कहा कि भारत साझे हित वाले क्षेत्रों में कोरिया के साथ नई भागीदारी का इच्छुक है । उन्होंने कोरिया के निवेशकों और उद्यमियों को भारत सरकार की पहल “मेक इन इंडिया ” में अपने भारतीय सहयोगियों के साथ मिलकर शामिल होने के लिए आमंत्रित किया । उन्होंने कहा कि कोरिया कौशल विकास, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्मार्ट सिटीज़ आदि जैसे कार्यक्रमों में  महत्वपूर्ण भागीदार बन सकता है । उन्होंने कोरिया गणराज्य के शिष्टमंडल को जानकारी दी कि भारत की अत्यधिक कुशल युवा शक्ति, बड़ा बाजार और उन्नत सूचना प्रौद्योगिकी, साफ्टवेयर आदि कोरियाई प्रौद्योगिकी, औद्योगिक अनुभव और पूंजी के साथ मिल जाए तो यह एक सफल भागीदारी सिद्ध हो सकती है ।

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श्रीमती महाजन ने कहा कि भारत कोरियाई रक्षा प्रौद्योगिकी, पोत निर्माण और अन्य क्षेत्रों में रूचि ले रहा है । इसी तरह भारत के आईटी प्रोफेशनल सूचना प्रौद्योगिकी और साइबर सुरक्षा क्षेत्रों में योगदान कर सकते हैं । श्रीमती महाजन ने कहा कि भारत-कोरिया गणराज्य में सहयोग के नए क्षेत्रों की काफी संभावना है और रक्षा व नयी तकनीक के क्षेत्रों  में सहयोग किया जाना चाहिए।

जवाब में, माननीय श्री चुंग से-क्यून, अध्यक्ष कोरिया गणराज्य की नेशनल असेम्बली ने लोकसभा अध्यक्ष को विस्तृत उत्कृष्ट आतिथ्य के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले समय में भारत-कोरिया गणराज्य की दोस्ती को और मजबूत किया जाएगा।